Delhi News: दिल्ली के स्कूल में कक्षा 6 के छात्र की संदिग्ध हालत में मौत, ईडब्ल्यूएस कोटे से मिला था प्रवेश
Press Trust of India | December 4, 2024 | 10:11 AM IST | 3 mins read
छात्र के पिता ने दावा किया कि प्रिंस का एक सहपाठी के साथ झगड़ा हुआ था, जिस दौरान वह गिर गया और फिर स्कूल के शिक्षक उसे अस्पताल ले गए।
नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के एक निजी स्कूल में मंगलवार सुबह 12 वर्षीय एक छात्र की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि वसंत विहार के कुदुमपुर पहाड़ी निवासी प्रिंस छठी कक्षा का छात्र था। पुलिस को संदेह है कि उसकी मौत दौरा पड़ने से हुई होगी। हालांकि, परिवार ने साजिश का आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रिंस को उसके सहपाठी ने पीटा था।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने स्कूल से सीसीटीवी फुटेज ली है, जिसमें कुछ लड़के प्रार्थना सभा के बाद आपस में लड़ते हुए नजर आ रहे हैं। प्रिंस को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) कोटे के तहत चिन्मय विद्यालय में दाखिला मिला था। बार-बार कोशिश किए जाने के बावजूद स्कूल ने किसी कॉल और ईमेल का जवाब नहीं दिया। पुलिस ने बताया कि पूर्वाह्न 10:15 बजे वसंत कुंज स्थित फोर्टिस अस्पताल से सूचना मिली कि प्रिंस को मृत अवस्था में लाया गया है।
पुलिस ने एक बयान में बताया कि पूछताछ और शव की जांच करने पर पता चला कि शरीर पर कोई चोट नहीं थी, लेकिन उसके मुंह से झाग जैसा कुछ निकल रहा था। बयान में कहा गया कि चिकित्सकों ने मौखिक रूप से संकेत दिया कि हो सकता है कि लड़के को दौरे से संबंधित शिकायत हो, लेकिन जांच जारी है। बयान में कहा गया कि स्कूल के छात्रों और शिक्षकों से पूछताछ की जा रही है और तदनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रिंस के पिता सागर वसंत विहार सोसाइटी में सीवर लाइन श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं। सागर ने कहा कि उनके बेटे को कोई दिक्कत नहीं थी और जब उन्होंने उसे स्कूल में छोड़ा था, तब वह पूरी तरह से स्वस्थ था। सागर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मेरा बेटा पूरी तरह से स्वस्थ था और उसे दौरे पड़ने का कोई इतिहास नहीं था। वह फुटबॉल भी खेलता था और एक अच्छा खिलाड़ी था, अंतर-विद्यालय टूर्नामेंट में भाग लेता था और उसने कई पदक भी जीते थे।’’
उन्होंने दावा किया कि कुछ छात्रों ने उन्हें बताया कि प्रिंस का एक सहपाठी के साथ झगड़ा हुआ था, जिस दौरान वह गिर गया और फिर स्कूल के शिक्षक उसे अस्पताल ले गए। प्रिंस को पहले होली एंजल्स अस्पताल ले जाया गया और बाद में फोर्टिस अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सागर ने कहा कि उन्होंने काम पर जाने से पहले अपने बेटे को स्कूल छोड़ा था।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे सुबह 9:45 बजे स्कूल से फोन आया कि मेरे बेटे को चोट लग गई है और जब मैं अस्पताल पहुंचा तो उसकी मृत्यु हो चुकी थी।’’ प्रिंस सागर के दो बेटों में छोटा था। प्रिंस का बड़ा भाई प्रियांशु दूसरे निजी स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ता है। सागर ने बताया कि उसे ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत स्कूल में दाखिला मिला था और तीन नवंबर को ही वह 12 साल का हुआ था।
प्रिंस के चाचा विनीत ने घटना के दौरान उसके ‘क्लास टीचर’ और अन्य कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए। घटना के बारे में स्कूल की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
इस बीच, परिजनों और अभिभावकों ने मामले की गहन जांच की मांग करते हुए स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और अपराधी को गिरफ्तार करने की भी मांग की। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही छात्र की मौत के वास्तविक कारण का पता चल पाएगा।
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