JEE Main 2026 April 4 Shift 2 Analysis: जेईई मेन अप्रैल 4 शिफ्ट 2 एनालिसिस, परीक्षा आसान से मध्यम स्तर की रही
Abhay Pratap Singh | April 4, 2026 | 08:07 PM IST | 2 mins read
विषय विशेषज्ञों के अनुसार, अप्रैल सत्र की सभी शिफ्टों में जेईई मेन 2026 अप्रैल 4 दूसरी शिफ्ट का पेपर सबसे आसान था।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने आज जेईई मेन 2026 अप्रैल 4 शिफ्ट 2 की परीक्षा दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक सफलतापूर्वक समाप्त करा ली है। द्वितीय पाली की परीक्षा कुल मिलाकर आसान से मध्यम स्तर की थी और इसे अप्रैल 2026 सत्र में आयोजित सभी पालियों में सबसे आसान माना गया था।
परीक्षा विश्लेषण के अनुसार, 4 अप्रैल की शाम की पाली में आयोजित जेईई मेन 2026 सेशन 2 का पेपर जनवरी सत्र और उसी दिन की सुबह की पाली की तुलना में आसान रहा। विषयवार कठिनाई स्तर में गणित सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण था। वहीं, भौतिकी और रसायन विज्ञान का स्तर लगभग एक समान और अपेक्षाकृत आसान रहा।
JEE Main April 4 Shift 2 Analysis 2026: छात्रों की प्रतिक्रिया
छात्रों की प्रतिक्रियाओं के अनुसार, भौतिकी सेक्शन को पूरा करने में लगभग 40-45 मिनट लगे और उन्हें ज्यादा कठिनाई नहीं हुई। 4 अप्रैल को आयोजित दूसरी चरण की परीक्षा में प्रश्नों को हल करने के लिए छात्रों को केवल फॉर्मूलों पर निर्भर रहने के बजाय मजबूत वैचारिक समझ (Conceptual Understanding) की आवश्यकता थी।
JEE Main April 4 Shift 2 Analysis: फिजिक्स एनालिसिस
भौतिकी सेक्शन का कुल कठिनाई स्तर आसान से मध्यम था। यह पेपर गणित और रसायन विज्ञान की तुलना में आसान था। परीक्षा में अधिकांश प्रश्न सीधे और फॉर्मूला-आधारित पूछे गए थे, जिससे यह भाग कम समय लेने वाला और छात्रों के लिए उच्च स्कोरिंग (high-scoring) साबित हुआ।
JEE Main April 4 Shift 2 Analysis: मैथमेटिक्स एनालिसिस
गणित सेक्शन का कठिनाई स्तर मध्यम था। विषय विशेषज्ञों के अनुसार, भौतिकी और रसायन विज्ञान की तुलना में गणित आसान था। आज की सुबह की पाली की तुलना में भी सरल रहा, लेकिन 2 अप्रैल की दोनों पालियों के मुकाबले इसे “कठिन” माना गया। अन्य सेक्शन की तुलना में गणित काफी लंबा और समय लेने वाला रहा।
JEE Main April 4 Shift 2 Analysis: केमिस्ट्री एनालिसिस
रसायन विज्ञान सेक्शन आसान से मध्यम रहा। यह खंड भौतिकी और गणित के साथ-साथ 4 अप्रैल की सुबह की पाली , जनवरी सत्र और 2 अप्रैल की दोनों पालियों की तुलना में काफी आसान था। पेपर में अकार्बनिक रसायन और कथन-आधारित प्रश्न सीधे NCERT से पूछे गए थे, हालांकि संख्यात्मक प्रश्न समय लेने वाले रहे।
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